जानिए कृषि क्षेत्र को कैसे कोरोना के असर से ​उबारेगी सरकार -किसानों के लिए उम्मीद



सरकार ने हर व​र्ग और क्षेत्र को राहत देने के लिए कुछ न कुछ ऐलान किया है. देश के अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों के​ लिए भी सरकार ने कई बड़े व अहम ऐलान किए हैं.
कोरोना वारयस महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया है. सरकार ने हर व​र्ग और क्षेत्र को राहत देने के लिए कुछ न कुछ ऐलान किया है. देश के अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों के​ लिए भी सरकार ने कई बड़े व अहम ऐलान किए हैं.
कृषि क्षेत्र के लिए सरकार ने तीन मोर्चे पर राहत देने का ऐलान किया है. कृषि क्षेत्र में सरकार ने किसानों के खाते में पैसे ट्रांसफर करने से लेकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र को पहले से बेहतर बनाने के लिए ऐलान किए हैं. इसके अलावा, कृषि संबंधित प्रक्रिया और ढांचागत सुधारों पर भी जोर दिया है. कृषि क्षेत्र के लिए सरकार ने तीन मोर्चे पर राहत देने का ऐलान किया है. कृषि क्षेत्र में सरकार ने किसानों के खाते में पैसे ट्रांसफर करने से लेकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र को पहले से बेहतर बनाने के लिए ऐलान किए हैं. इसके अलावा, कृषि संबंधित प्रक्रिया और ढांचागत सुधारों पर भी जोर दिया है.
कृषि क्षेत्र के लिए सरकार ने तीन मोर्चे पर राहत देने का ऐलान किया है. कृषि क्षेत्र में सरकार ने किसानों के खाते में पैसे ट्रांसफर करने से लेकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र को पहले से बेहतर बनाने के लिए ऐलान किए हैं. इसके अलावा, कृषि संबंधित प्रक्रिया और ढांचागत सुधारों पर भी जोर दिया है.
मार्च में लॉकडाउन के बाद सरकार ने किसानों से 74,300 करोड़ रुपये की एमएसपी आधारित खरीद की है. इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में इस दौरान कुल 18,700 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार ने 6,400 करोड़ रुपये के दावे का निपटारा किया है. मार्च में लॉकडाउन के बाद सरकार ने किसानों से 74,300 करोड़ रुपये की एमएसपी आधारित खरीद की है. इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में इस दौरान कुल 18,700 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार ने 6,400 करोड़ रुपये के दावे का निपटारा किया है.
मार्च में लॉकडाउन के बाद सरकार ने किसानों से 74,300 करोड़ रुपये की एमएसपी आधारित खरीद की है. इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में इस दौरान कुल 18,700 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार ने 6,400 करोड़ रुपये के दावे का निपटारा किया है.
इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर सरकार द्वारा किए गए ऐलानों की बात करें तो आपको बता दें कि सरकार ने इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. इसके तहत खेती किसानों को मजबूत बनाया जाएगा और कटाई के बाद फसलों के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है. सरकार चाहती है कि आगामी भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर किसानों को बेहतर परिणाम मिल सके. इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर सरकार द्वारा किए गए ऐलानों की बात करें तो आपको बता दें कि सरकार ने इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. इसके तहत खेती किसानों को मजबूत बनाया जाएगा और कटाई के बाद फसलों के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है. सरकार चाहती है कि आगामी भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर किसानों को बेहतर परिणाम मिल सके.
इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर सरकार द्वारा किए गए ऐलानों की बात करें तो आपको बता दें कि सरकार ने इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. इसके तहत खेती किसानों को मजबूत बनाया जाएगा और कटाई के बाद फसलों के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है. सरकार चाहती है कि आगामी भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर किसानों को बेहतर परिणाम मिल सके.
केंद्र सरकार ने इस राहत पैकेज में मत्स्य पालन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. इसमें समुद्री और अंतर्देशीय मस्त्य पालन को पहले से अधिक बेहतर तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जाएगा. सरकार के इस कदम से कुल 55 लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा और साथ ही 70 लाख टन उत्पादन बढ़ेगा. केंद्र सरकार ने इस राहत पैकेज में मत्स्य पालन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. इसमें समुद्री और अंतर्देशीय मस्त्य पालन को पहले से अधिक बेहतर तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जाएगा. सरकार के इस कदम से कुल 55 लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा और साथ ही 70 लाख टन उत्पादन बढ़ेगा.
केंद्र सरकार ने इस राहत पैकेज में मत्स्य पालन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. इसमें समुद्री और अंतर्देशीय मस्त्य पालन को पहले से अधिक बेहतर तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जाएगा. सरकार के इस कदम से कुल 55 लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा और साथ ही 70 लाख टन उत्पादन बढ़ेगा.
मत्स्य पालन नहीं, बल्कि पशुपालन पर के मोर्चे पर भी सरकार ने राहत के लिए 15 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. सरकार चाहती है कि पशुपालक पहले से बेहतर तरीके से अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दें और मिल्क प्रोडक्ट्स की क्विालिटी और क्वांटिटी पर जोर दिया जाए. मत्स्य पालन नहीं, बल्कि पशुपालन पर के मोर्चे पर भी सरकार ने राहत के लिए 15 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. सरकार चाहती है कि पशुपालक पहले से बेहतर तरीके से अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दें और मिल्क प्रोडक्ट्स की क्विालिटी और क्वांटिटी पर जोर दिया जाए.
मत्स्य पालन नहीं, बल्कि पशुपालन पर के मोर्चे पर भी सरकार ने राहत के लिए 15 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. सरकार चाहती है कि पशुपालक पहले से बेहतर तरीके से अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दें और मिल्क प्रोडक्ट्स की क्विालिटी और क्वांटिटी पर जोर दिया जाए.
इस पैकेज में सरकार ने पशुओं के टीकाकरण के लिए भी 13,343 करोड़ रुपये का ऐलान किया है. इसके तहत 53 करोड़ से अधिक पशुओं को मुंह पका और खुर पका जैसी बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण​ किया जाएगा. इसमें 100 फीसदी पशुओं का टीकाकारण किया जाएगा. इस पैकेज में सरकार ने पशुओं के टीकाकरण के लिए भी 13,343 करोड़ रुपये का ऐलान किया है. इसके तहत 53 करोड़ से अधिक पशुओं को मुंह पका और खुर पका जैसी बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण​ किया जाएगा. इसमें 100 फीसदी पशुओं का टीकाकारण किया जाएगा.
इस पैकेज में सरकार ने पशुओं के टीकाकरण के लिए भी 13,343 करोड़ रुपये का ऐलान किया है. इसके तहत 53 करोड़ से अधिक पशुओं को मुंह पका और खुर पका जैसी बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण​ किया जाएगा. इसमें 100 फीसदी पशुओं का टीकाकारण किया जाएगा.
छोटे खाद्य प्रसंस्करण को मजबूत बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है. इसमें मौजूदा माइक्रो एंटरप्राइज, किसाना उत्पादक संगठनों, स्वयं सेवी ग्रुप और कोआपरेटिव्स को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. इससे खुदरा बाजार एकीकरण में मदद मिलेगी और ​आया में भी इजाफा होगा. छोटे खाद्य प्रसंस्करण को मजबूत बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है. इसमें मौजूदा माइक्रो एंटरप्राइज, किसाना उत्पादक संगठनों, स्वयं सेवी ग्रुप और कोआपरेटिव्स को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. इससे खुदरा बाजार एकीकरण में मदद मिलेगी और ​आया में भी इजाफा होगा.
छोटे खाद्य प्रसंस्करण को मजबूत बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है. इसमें मौजूदा माइक्रो एंटरप्राइज, किसाना उत्पादक संगठनों, स्वयं सेवी ग्रुप और कोआपरेटिव्स को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. इससे खुदरा बाजार एकीकरण में मदद मिलेगी और ​आया में भी इजाफा होगा.
सरकार ने हर्बल कल्टीवेशन के लिए भी 4 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. देश और दुनिया में हर्बल प्रोडक्ट्स के बढ़ते मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. सरकार ने हर्बल कल्टीवेशन के लिए भी 4 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. देश और दुनिया में हर्बल प्रोडक्ट्स के बढ़ते मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है.
सरकार ने हर्बल कल्टीवेशन के लिए भी 4 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. देश और दुनिया में हर्बल प्रोडक्ट्स के बढ़ते मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है.
सरकार ने हर्बल कल्टीवेशन के लिए भी 4 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. देश और दुनिया में हर्बल प्रोडक्ट्स के बढ़ते मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. सरकार ने हर्बल कल्टीवेशन के लिए भी 4 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. देश और दुनिया में हर्बल प्रोडक्ट्स के बढ़ते मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है.
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