मुर्गी पालन का व्यवसाय कैसे करें – मुर्गी पालन का काम के व्यवसाय को कैसे स्थापित करें How to manage and Start poultry farm Business in hindi

दूध
और अंडा इस समय सभी लोगों द्वारा ग्रहण किया जाता है. इसके लिए कई जगहों पर पोल्ट्री
फॉर्म और डेरी फॉर्म की स्थापना की जाती है. इन पोल्ट्री और डेयरी फार्म की स्थापना
का मुख्य उद्देश्य पशुपालन और व्यापार होता है. अतः ये व्यापार एक बहुत ही अच्छा और
सुखद अनुभूति देने वाला काम है, जिसके लिए सरकार बहुत कम व्याज दर पर ऋण भी देती है.
यहाँ पर पोल्ट्री  फार्म के स्थापना के विषय
में दिया जायेगा.

NABARD
की रिपोर्ट के अनुसार भारत टॉप 5 अंडे का उत्पादन करने वाले देशों में शामिल है। आजकल लोग अपनी हेल्थ को लेकर बहुत सावधान हो गए हैं जिसकी वजह से अंडे और मीट का उत्पादन बहुत बढ़ गया है। इस आर्टिकल में आपको मुर्गी पालन कैसे करें और कुक्कुट पालन व्यवसाय की पूरी जानकारी मिलेगी


मुर्गी पालन की जानकारी

मुर्गी फार्म या पोल्ट्री फार्म में किसान मुर्गियों का ध्यान रखता है ताकि वो मीट और अंडे बाजार में बेच कर पैसे कमा सके। हमारे देश में पोल्ट्री पापुलेशन 729 मिलियन तक हो गई है। तो आप देख ही सकते है की मुर्गी पालन कितना मुनाफे वाला बिज़नेस है।

भारत में मुख्यतः चार तरह की मुर्गियों की ब्रीड (नस्ल) पायी जाती है। आप इनमें से कोई को भी रख सकते हैं।

 

मुर्गी पालन इन दो कारणों के वजह से किया जाता है:

· ब्रीडिंग: पोल्ट्री को मीट के लिए रखा जाता है।

· लेयरिंग: पोल्ट्री को अंडो के लिए रखा जाता है।

कौन खोल सकता है पोल्ट्री फार्म

इस बिज़नेस को शुरू करने से पहला आपको मुर्गी पालन की अच्छी खासी जानकारी होनी चाहिए। आप पोल्ट्री फार्म की पढाई दसवीं के बाद भी शुरू कर सकते हैं। लेकिन कुछ कोर्सेज में आपको बारहवीं तक की पढाई, साइंस स्ट्रीम के साथ करना इम्पोर्टेन्ट है। आप B.V.Sc, M.V.Sc, M.Sc और डिप्लोमा करके अपना पोल्ट्री फार्म का बिज़नेस शुरू कर सकते हैं।

मुर्गी पालन में कैसे करें मार्केट रिसर्च

मुर्गी पालन का काम शुरू करने से पहले आपको जगह का बहुत अच्छे से ध्यान रखना होगा। आपको नीचे बताये गए चीज़ों का ध्यान रखना होगा।

1.      इस बिज़नेस के लिए आपको बहुत सारी जगह चाहिए होगी तभी आप अच्छा कमा पाएंगे।

2.      आप जिस भी जगह का चयन करे ध्यान रखें की वो साफ़ सुथरी हो क्योंकि गन्दी जगह में मुर्गी बीमार पड़ सकती है ताकि आप अपना सामान मार्केट तक पंहुचा सके।

3.      वहां ट्रांसपोर्टेशन की कोई दिक्कत ना हो। आपके पास अच्छी परिवहन सुविधा हो।

4.      वो जगह पानी के स्रोतों के पास हो। आपके फार्म में पानी की सप्लाई अच्छे से आये।

5.      हो सके तो वो जगह शहर से दूर हो ताकि आपको कोई भी दिकत हो।

6.      आप मुर्गियों के लिए अलग जगह ढूंढे क्यूंकि अगर आप यह बिसनेस खुले में करेंगे तो मुर्गियों के विकास पर असर पड़ेगा।

7.      ऐसी जगह ढूंढे जो चारो तरफ से बंद हो तभी मुर्गियाँ ब्रूडिंग कर पायेगी।

 

अगर आपके घर में जगह है तो आप कुक्कुट पालन अपने घर से भी शुरू कर सकते है। बस ध्यान रखें की आपका घर ज्यादा ट्रैफिक वाले एरिया में नहीं है अगर ऐसा हुआ तो मुर्गियाँ इतनी आवाज़ से परेशान हो सकती है और आपका बिज़नेस भी ख़राब हो सकता है।


आपको मुर्गियों को पालने के लिए अच्छी खासी जगह की जरुरत होगी। अगर आप 1000 मुर्गियां पाल रहे है तो आपको 1000-1500 फिट तक की जगह की जरुरत होगी।

मुर्गी पालन का तरीका

· इस बिज़नेस में आपको हैचरी से लेकर मुर्गी का 18-20 हफ्ते तक ध्यान रखना होगा तभी वह अंडे देने लायक होगी।

· इसके बाद इन मुर्गियों को या तो बिछावन में पाल सकते है या पिंजरे में लेकिन, 600 रुपए की लागत लगेगी।

· शुरू के 6 हफ्ते तक मुर्गियों को बड़े होने के लिए गर्मी की जरुरत होती है। इसके लिए आप बल्ब जला सकते है और बहुत सारे चूजों को रख सकते है।

· आपको 2-3 हफ्तों तक चूजों को ऐसे बल्ब के नीचे रखना होगा। इसके बाद इनको फिर कुछ कम गर्मी वाली जगह पर रख सकते हैं।

· इसके बाद चूजे विकास की अवस्था पे जाते है। इसमे आपको उनके खाने का ध्यान रखना होगा। इनको लाइट खाना ही खिलाये वरना ये अच्छे से विकसित नहीं हो पायेगें।

· आपको दवाइयां भी देनी होती है।

· अंडा देने वाली मुर्गियों को आपको 17% प्रोटीन देना होगा और 26-27% ऊर्जा देना जरुरी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और लागत

आपको मुर्गी पालन शुरू करने के लिए सबसे पहले जगह लेनी होगी। आपको बुनियादी ढांचे में कम से कम 5-6 लाख रूपये की लागत लगेगी।

इस बिज़नेस आपको इन सामान की जरुरत होगी:

चीज

 

मात्रा 

मूल्य  (लगभग रूपए)

पोल्ट्री फीडर

5-10

500-1,000

एग इन्क्यूबेटर

2-3

8,000-12,000

चिकन ड्रिंकर

5-10

350-700

बेबी चिक फीडर

5-10

450-900

पोल्ट्री वैक्सीनेटर

10-20

3,500-7,000

डीबीकर 

1-2

3,000-6,000

चिकन पिंजरा

10-20

1,000-2,000

कुल (लगभग)

 

 

17,000-34,000

 

इस बिज़नेस में आपको हैचरी से लेकर मुर्गी का 18-20 हफ्ते तक ध्यान रखना होगा। इसमे आपकी हर मुर्गी पर 200 रुपया की लागत लगेगी। इसके बाद इन मुर्गियों को या तो बिछावन में पाल सकते है या पिंजरे में। बिछावन में कम से कम हर मुर्गी पर 400 रुपया की लागत लगेगी वहीं पिंजरे में हर मुर्गी पर 600 रुपया की लागत लगेगी।


मुर्गी पालन से लाभ/मुनाफा

1.     मुर्गी फार्म बिज़नेस को किसान अपने बाकी बिज़नेस के साथ शुरू कर सकते है। इससे उनका प्रॉफिट बढ़ जायेगा।

2.      आज कल लोग अपनी हेल्थ को लेकर बहुत सावधान हो गए है। इसलिए इस बिज़नेस में आपको बहुत लाभ होगा।

3.      इस व्यवसाय में आपको सर्दियों में गर्मियों से ज़्यादा मुनाफा होगा।

पोल्ट्री फार्म लोन की जानकारी

हमारे देश में कुक्कुट पालन को बढ़ाने के लिए गवर्नमेंट लोगो को इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए मुर्गी पालन लोन में मदद कर रही है।

कुक्कुट पालन लोन के लिए यह सारी स्कीम है:

1.      NABARD: मुर्गी फार्म के लिए आपको लोन नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के जरिये मिलेगा। आपको 1,00,000 रूपये के लोन तक कोई भी मार्जिन नहीं देना होगा और अगर लोन 1,00,000 रुपया से ज़्यादा है तो कम से कम 10% का मार्जिन लगेगा

2.      SBI लोन स्कीमआप पोल्ट्री फार्म के लिए स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया से भी लोन ले सकते है। SBI से नए और पुराने दोनों किसान लोन ले सकते हैं।

कुक्कुट पालन व्यवसाय से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया

आपको मुर्गी फार्म खोलने से पहले कुछ जरुरी कानूनी दस्तावेज चाहिए होंगे तभी आप यह बिज़नस शुरू कर सकते है। हमने यहाँ सारे महत्वपूर्ण दस्तावेज के बारे में बताया है:

1.      NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र): आप जिस भी इलाके में अपना बिज़नेस शुरू कर रहे है वहाँ की स्थानीय प्राधिकरण से यह सर्टिफिकेट लेना बहुत जरुरी है। इसके इलावा आपको पर्यावरण बोर्ड से NOC लेना भी जरुरी है।

2.      भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI): जैसे की आप जानते है की हमारे देश में हर खाने की हर चीज़ का फसाई सर्टिफिकेट लेना होता है। यह बहुत इम्पोर्टेन्ट काम है क्योंकिसुरक्षित आहार, स्वास्थ्य का आधारआप इस वेबसाइट पर रजिस्टर करके FSSAI का लाइसेंस ले सकते हैं

3.      ट्रेड लाइसेंस: जैसा की आप जानते है की हर बिज़नेस शुरू करने से पहला ट्रेड लाइसेंस कितना इम्पोर्टेन्ट होता है तो आपको इस बिज़नेस के लिए भी ट्रेड लाइसेंस लेना जरुरी है।

4.      भूजल विभाग की अनुमति: मुर्गी पालन व्यवसाय में पानी की बहुत जरूरत होती है। पानी का कनेक्शन लगवाने से पहले भूजल विभाग से परमिशन जरूर लें।

5.      बिजली बोर्ड की अनुमति: आपके बिज़नेस में जितनी भी बिजली इस्तेमाल होगी आपको उसकी जानकारी बिजली बोर्ड को देनी होगी और अनुमति लेनी होगी। अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपको फाइन लग सकता है।

मुर्गी पालन कैसे करें की टिप्स

· जो मुर्गियां अंडे देने के लायक नहीं है उनको शुरुआत में ही अलग कर दें।

· ध्यान रखें कि बिछावन पर पानी ना पड़े क्यूंकि पानी पड़ने के बाद अमोनिया बन जायेगा। अमोनिया लोगो और मुर्गियों दोनों के लिए हानिकारक है।

· ध्यान रखें कि मुर्गियों में प्रोटीन, ऊर्जा और कैल्शियम की मात्रा बिलकुल सही हो क्यूंकि तभी वे अच्छे से विकसित हो पायेगी।

· पक्षिओं और अपने आप को रोग से बचने के लिए उन्हें वक़्त वक़्त पे इंजेक्शन लगवाए।

· कोशिश करे की आपके पोल्ट्री फार्म में गर्मियों में कम एग प्रोडक्शन हो और सर्दियों में ज़्यादा।

· गर्मियों में आप अंडों को प्रोसेसिंग के लिए भी भेज सकते है जिससे आप इस समय भी पैसा कमा पायेंगे।

हम उम्मीद करते है की इस आर्टिकल में आपको पोल्ट्री फार्मिंग व्यवसाय यानि मुर्गी पालन कैसे करें से सम्बंधित सारी जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपको इसके इलावा देसी मुर्गी पालन के टिप्स चाहिए और कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें।

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