13 भारतीय मोबाइल ब्रैंड – Indian Mobile Phone Manufacturer Companies

चीन की मोबाइल
कंपनियों ने भारतीय
कंपनियों को तबाह
कर दिया है।
माइक्रोमैक्स , इंटेक्स , लावा और
कार्बन कंपनियों का बिजनेस
महज तीन फीसदी
पर सिमट गया
है। इन चार
कंपनियों में से
दो ने लावा
और इंटेक्स मोबाइल
मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस से अपने
हाथ खींच लिए
हैं। इंटेक्स ने
अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
पर ताला लगा
दिया है।

चीन के खिलाफ
गुस्से की चिंगारी
अब शोला बन
गयी है. देशभर
में धधक रही
है चीनी सामान
के बहिष्कार की
आग. सेना ने
अपना फर्ज निभाया,
अब बारी आम
हिंदुस्तानियों की है.
इसी फर्ज की
खातिर लोग सड़कों
पर आवाज बुलंद
कर रहे हैं.
कहीं चीन में
बने सामान को
आग के हवाले
कर रहे हैं
तो कहीं तोड़कर
चीनी सामान नहीं
खरीदने की कसम
खा रहे हैं.
जिस तरीके से
हमारे जवानों पर
धोखे से वार
किया गया हैं|

 

भारत की देशभक्त
जनता ने चीनी
सामान के बहिष्कार
का अभियान चला
रखा है। यह
उचित ही है।
इस अभियान का
भरपूर समर्थन किया
जाना चाहिए। भारत
के सामने लगातार
चीन बाधाएं खड़ी
कर रहा है।
हालांकि प्रत्येक भारतीय के
लिए सबसे असहनीय
बात यह है
कि चीन लगातार
पाकिस्तान का समर्थन
कर रहा है।

बौखलाहट में चीनी
मीडिया ने भारत
और उसके नागरिकों
के खिलाफ बहुत
हल्की भाषा में
कटाक्ष किया है।
चीनी सामान के
बहिष्कार की मुहिम
के संबंध में
लिखते हुए चीनी
मीडिया ने लिखा
है कि भारत
भौंक तो सकता
है, लेकिन कुछ
कर नहीं सकता।
चीन के सामान
और तकनीक के
सामने भारत का
सामान और तकनीक
टिक नहीं सकता
है। लेकिन चीन
को इस बात
का आभास नहीं
है भारत के
नागरिक यदि तय
कर लेते हैं
तो सब बातें
एक तरफ और
भारतीयों का निर्णय
एक तरफ। चीन
को यह भी
नहीं पता होगा
कि भारत में
उसके सामान के
प्रति आम नागरिकों
की भावना किस
प्रकार की है।
चीनी माल को
दोयम दर्जे का
समझा जाता है।
उसकी गुणवत्ता को
संदेह से देखा
जाता है। चीनी
सामान भारत में
इसलिए बिकता है,
क्योंकि वह सस्ता
है। उसकी बिक्री
गुणवत्ता के कारण
नहीं है।

 

विदेशी सामान के बहिष्कार
का आग्रह देश
की आजादी के
पहले से रहा
है। दूसरी बड़ी
बात यह है
कि चीनी सामान
के बहिष्कार से
भले ही अभी
छोटे व्यापारियों को
घाटा हो जाए,
लेकिन अंत में
इस मुहिम की
सफलता उनके ही
हित में है।
छोटे व्यापारियों, कामगारों
और कुटीर उद्योगों
को सबसे अधिक
नुकसान चीनी सामान
ने ही पहुंचाया
है। इसलिए जो
चीनी सामान के
बहिष्कार की मुहिम
का विरोध कर
रहे हैं, असल
में वह लोग
भारत के कामगारों
और कुटीर उद्योगों
पर चोट कर
रहे हैं।

           

भारतीय बाजार जब से
चीनी सामान से
पट गए, तब
से भारत में
कुम्हार के चाक
की गति मंद
ही नहीं हुई,
बल्कि बहुत हद
तक उनका चाक
बंद हो गया
है। लकड़ी, मिट्टी
और चीनी के
खिलौने बनाने वाले लोगों
का धंधा बंद
हो गया। चीनी
पटाखों ने कई
भारतीय पटाखा कारखानों के
शटर गिरा दिए।
दीपावली पर सस्ती
चीनी लाइट आने
से भारतीय इलेक्ट्रीशियनों
का काम ठप
हो गया। रक्षाबंधन
पर भारतीय राखी
कारोबार पर गहरी
चोट पहुंची है।

 

हालात यहां तक
हैं कि पूजन
सामग्री तक चीन
से बनकर
रही है। इसलिए
चीनी सामान का
बहिष्कार उचित है।
भारत विरोधी मानसिकता
वाले लोगों की
भावनात्मक अपीलों में
फंसकर हमें यथासंभव
चीनी सामान का
बहिष्कार करना चाहिए,
ताकि हमारे कामगारों,
बुनकरों, शिल्पकारों और कुटीर
उद्योगों को नई
ताकत मिल सके।
स्वाभाविक तौर पर
चीनी सामान का
बहिष्कार करने वाले
लोग आज बाजार
में भारतीय सामान
की मांग कर
रहे हैं यानी
जब भारतीय सामान
की मांग बढ़ेगी,
तब हमारे कुटीर
उद्योग मजबूत होंगे।

 

इसलिए चीनी सामान
के बहिष्कार के
अभियान के दो
बड़े फायदे हैं।
एक, चीन को
सबक मिलेगा। दो,
भारत के कुटीर
उद्योग को ताकत
मिलेगी। छोटे कारोबार
से जुड़े लोगों
की स्थिति सुदृढ़
होगी। भारत की
अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भारत
में रोजगार बढ़ेगा।


एक भारतीय होने
के नाते आप
को पता होना
चाहिए, भारत की
मोबाइल कंपनियां कौन कौन
सी हैं और कौन सी कंपनी
विदेश की है.
ये आप लोगो
को इसलिए बताने
जा रहा हु
. क्योंकि बहुत से इंडियन  लोगो को अपने 
देश की मोबाइल  कंपनी   और विदेश की मोबाइल  कंपनी  के
बारे में  पता नही है . इंडिया में make in
india का काम जोरो शोरो से चल रहा है. लेकिन आज के दौर में भारतीय लोग विदेशी मोबाइल
कंपनियों  के तरफ ज्यादा आकर्षित  हो रहे है . अगर आप इंडिया में make in india का
सपोर्ट करते है .तो इंडियन कंपनी  का मोबाइल   खरीदना 
चाहिए.

 

आइए हम सभी जानते
हैं लेकिन भारत
की कौन कौन
सी कंपनियां हैं
जो मोबाइल मार्केट
में मौजूद तो
हैं लेकिन भारतीय
ही उनके बारे
में कम जानते
हैं. आइए आज
हम ऐसी ही
कंपनियों के बारे
में आपको जानकारी
देते हैं

Best Indian Mobile company name –  भारतीय कंपनियां के मोबाइल फ़ोन

Lava – लावा 

Karbonn – कार्बोन 

Micromax – माइक्रोमैक्स   

Intex – इंटेक्स 

Lyf – लाइफ 

Xolo – जोलो 

Videocon – वीडियोकॉन

iBell – आईबॉल  

Celcon – केलकन  

Spice
Telecom –
स्पाइस 

AKAI  आकाइ

 

 

चीन मोबाइल कंपनी के फोनCHINA Mobile Phone

  LENOVA , ASUS , COOLPAD , JIONEE , HUAWEI ,
VIVO , OPPO , XIOMI = CHINA COMPANY


अमेरिका की
कंपनी के
मोबाइल फोन.
American Mobile Phone

DELL  , APPLE , HP, MOTOROLA , INFOCUS , AUR
MICROSOFT, AMERICAN COMPANY HAI

 

 जापान की कंपनी के मोबाइल फोन. Japan
Mobile Phone

 SONY, TOSHIBA, SANSUI, AUR PANASONIC, = JAPANI
COMPANY
 
दक्षिणी
कोरिया
की
कंपनी
के
मोबाइल
फोन
SOUTH KOREA 
Mobile Phone

 SUMSUNG & LG.  SOUTH KOREAN COMPANY

 
 
ताइवान की मोबाइल कंपनी के फोन – TYWAN Mobile Phone
 ASUS, ACER, HTC, = TYWAN MOBILE COMPANY

OTHER COUNTRY COMPANY OF MOBILE PHONE.

PHILIPS नीदरलैंड ,  NOKIA फिनलैंड
,  BLACKBERRY & DATAWIND कनाडा देश की
कंपनी है .

आप लोगो को पता चल गया
होगा इंडियन  कंपनी   की कौन कौन सी मोबाइल  फ़ोन   है
. आप को जान कर हैरानी होगी की भारत देश में सबसे ज्यादा मोबाइल  कंपनी  है
भारत देश के मोबाइल  कंपनी  चीन और दुसरे देश की मोबाइल कंपनी की तुलना में
इतना  ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है therefore बहुत
कम भारतीय लोगो को अपने देश की मोबाइल  कंपनी  का पता होता है .अगर आपको को भी पता नही था तो इस
लेख को पड़ कर आप के भी doubt clear हो गया होगा .

Related articles

कभी विजय शेखर के पास नहीं थे खाने के पैसे, ऐसे खड़ी की – 1 लाख करोड़ रुपये की Paytm – VIJAY SHEKHAR SHARMA...

Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma Success Story) की सफलता की कहानी बेहद दिलचस्प है. उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर अलीगढ़ की एक लोअर मिडिल क्लास फैमिली से निकलकर उन्‍होंने 18 हजार करोड़ रुपए का व्यक्तिगत एसेट क्रिएट किया है. अलीगढ के रहने वाले विजय...

अगर सता रहा है नौकरी जाने का डर तो केवल 30 से 40 हजार का निवेश कर शुरू करें ये व्यवसाय, बन जायेंगे कुछ...

कोरोना वायरस ने भारत की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भर के सभी देशों...

Case Studies