21 साल का यह युवक कभी बेचता था सिम कार्ड, आज है करोड़ों की कंपनी का मालिक – Ritesh Agarwal Biography and Oyo Rooms Success Story Hindi

रितेश अग्रवाल की सफलता की कहानी सुनने में किसी फ़िल्मी स्टोरी की तरह ही लगती है। किशोर रितेश ने जब स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कॉलेज की पढ़ाई  से इंकार किया तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वह जल् ही अरबपति बन जाएगा। शुरुआत में वह सिम बेंचकर जीवन का भरण पोषण करने लगे। जल् ही रितेश ने एक कंपनी की स्थापना की और उसका सीईओ बन गए। यहीं से उनके जीवन में नाटकीय मोड़ आया। आइए जानते हैं रितेश का पूरा सच।

OYO कंपनी के संस्थापक रितेश अग्रवाल चीन में झंडा गाड़ने जा रहे हैं। 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश फंड के मालिक मासायोशी सन ने चीन में कारोबार शुरू करने में अग्रवाल की मदद की है। 

किसी भारतीय कंज्यूमर टेक्नोलॉजी कंपनी का चीन में पहुंच बनाना बड़ी बात है। कंपनी ने शेनजेन में ऑपरेशन शुरू किया है। इसके बाद इसे 25 और शहरों में विस्तार करेगी। चीन में उनके कर्मचारियों की तादाद एक हजार होगी। रितेश अग्रवाल सफलता का एक ऐसा उदाहरण हैं, जो साबित करते हैं कि ऊंचाइयां को हासिल करने के लिए औपचारिक शिक्षा ही सब कुछ नहीं होती।

ऐप के जरिए होटल रूम्स बुकिंग की सुविधा देने वाली कंपनी OYO ने 100 करोड़ डॉलर (7,000 करोड़ रुपए) फंड जुटाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही कंपनी की वैल्युएशन 500 करोड़ डॉलर यानी 36 हजार करोड़ रुपए हो गई है। इतनी वैल्युएशन के साथ ओयो सबसे ज्यादा वैल्यू वाली भारतीय स्टार्टअप्स की लिस्ट में फ्लिपकार्ट (20 अरब डॉलर) और पेटीएम (10 अरब डॉलर) के बाद तीसरे नंबर पर पहुंच गई है।

पढ़ाई छोड़ 5 साल पहले ओयो रूम्स की रखी थी नींव ओयो रूम्स के फाउंडर रितेश अग्रवाल की सफलता की कहानी भी काफी दिलचस्प है। बिना किसी बड़ी डिग्री के उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है। कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़कर रितेश अग्रवाल ने लगभग 5 साल पहले 24 की उम्र में ओयो रूम्स की नींव रखी थी। आज कंपनी 230 शहरों में 10 लाख होटल रूम्स का प्रबंधन करती है। कुछ साल पहले रितेश ओडिशा में एक छोटे से कस्बे में सिम कार्ड बेचते थे, लेकिन आज अरबों का कारोबार खड़ा कर चुके हैं।





OYO Rooms टीवी
के
रिमोट कंट्रोल से मिला आइडिया

टीवी रिमोट कंट्रोल से मिला था आइडिया रितेश अग्रवाल ओडिशा के छोटे से शहर बिसम कटक से हैं जो नक्सल प्रभावित इलाका है। रितेश को ओयो रूम खोलने का आइडिया टीवी के रिमोट कंट्रोल से आया है। उनका मानना था जैसे टीवी को रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ होटल के लिए भी किया जा सकता है, जिससे घर बैठे कस्टमर को होटल मिल सके। इसी आइडिया से ओयो रूम्स की शुरुआत हुआ है। हाउसकीपिंग से लेकर सीईओ तक का किया काम अपने शुरुआती अनुभवों के बारे में उन्होंने बताया कि जब उन्होंने गुड़गांव में पहला होटल शुरू किया था तब वह हाउसकीपिंग, सेल्स, सीईओ सभी का काम करते थे। वह ओयोरूम्स की ड्रेस पहनकर ड्यूटी करते और कस्टमर को कमरा दिखाते। उन्हें कई बार टिप मिली और कमरे से भी निकाला गया, लेकिन वह कस्टमर के साथ हमेशा अच्छे से पेश आए। आगे भी पढ़ें– IIM और IIT पासआउट को करते हैं हेड IIM और IIT पासआउट को करते हैं हेड रितेश अग्रवाल कॉलेज ड्रॉपआउट हैं लेकिन वह 20 आईआईएम और 200 आईआईटी की टीम हेड करते हैं। सॉफ्टबैंक ने ओयो रूम्स में विजन फंड के जरिए पैसा इन्वेस्ट किया है। ओयो रूम्स के पास एक लाख कमरे हैं। हर महीने उनके साथ 10 हजार कमरे जुड़ रहे हैं।



ओयो रूम्स नेक्स्ट जेनरेशन होटल चेन है जो इंटरनेट सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं। शुरुआत में बनाया ओरावल स्टे रितेश अग्रवाल बिजनेस फैमिली से हैं जो साल 2011 में दिल्ली आए थे। उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज का एंट्रेस एग्जाम छोड़कर यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के इंडिया कैपंस में एनरोल कराया। उन्होंने तब 18 साल की उम्र में ओरावल स्टे बनाया जो एयरबीएनबी का इंडियन वर्जन था। लेकिन वहां उम्मीद के अनुसार सफलता नहीं मिल रही थी। इसे देखते हुए वह करीब 100 से अधिक बेड एंड ब्रेकफास्ट कमरों में ठहरे। तब जाकर उन्हें समझ में आया कि समस्या पोर्टल के साथ है, क्योंकि वह स्टैंडर्डाइज्ड नहीं है। मिली पीटर थील फेलोशिप उसी दौरान रितेश अग्रावल पहले ऐसे इंडियन बने जिन्हें 1 लाख डॉलर की थील फेेलोशिप मिली। थील फेसबुक के शुरुआती इन्वेस्टर्स मेंं से एक रहे हैं। पीटर थील पेपाल के कोफाउंडर भी रहे हैं। थील फैलोशीप ऐसे कारोबारियों को मिलती है जो 20 साल की उम्र तक कॉलेज छोड़कर बिजनेस करना चाहते हैं। उन्होंने थील फेेलोशिप का ज्यादातर पैसा ओयो रूम्स में लगा दिया।

Related articles

कभी विजय शेखर के पास नहीं थे खाने के पैसे, ऐसे खड़ी की – 1 लाख करोड़ रुपये की Paytm – VIJAY SHEKHAR SHARMA...

Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma Success Story) की सफलता की कहानी बेहद दिलचस्प है. उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर अलीगढ़ की एक लोअर मिडिल क्लास फैमिली से निकलकर उन्‍होंने 18 हजार करोड़ रुपए का व्यक्तिगत एसेट क्रिएट किया है. अलीगढ के रहने वाले विजय...

अगर सता रहा है नौकरी जाने का डर तो केवल 30 से 40 हजार का निवेश कर शुरू करें ये व्यवसाय, बन जायेंगे कुछ...

कोरोना वायरस ने भारत की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भर के सभी देशों...

Case Studies